1. दरख्त के पैमाने पे चिलमन-ए-हुस्न का फुरकत से शरमाना
ये लाइन समझ में आए तो मुझे जरूर बताना!
2.ताजमहल देखकर बोला शाहजहाँ का पोताअपना भी होता बैंक बैलेंस
अगर दादा आशिक ना होता!
3.मैं आपको चाँद कहता, पर उसमें भी दाग हैमैं आपको सूरज कहता, पर उसमें भी आग है
मैं आपको बंदर कहता, पर उसमें भी दिमाग है!
4.लोग इश्क करते हैं, बड़े शोर के साथहमने भी किया, बड़े जोर के साथ
मगर अब करेंगे, थोडा़ गौर के साथ
क्योंकि कल उसको देखा, किसी ओर के साथ!
5.नई-नई शादी थी नया-नया था जमाना
दुल्हा बेचैन था
सुनने को गाना
दुल्हन ने शुरू किया गाना
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना…
ये लाइन समझ में आए तो मुझे जरूर बताना!
2.ताजमहल देखकर बोला शाहजहाँ का पोताअपना भी होता बैंक बैलेंस
अगर दादा आशिक ना होता!
3.मैं आपको चाँद कहता, पर उसमें भी दाग हैमैं आपको सूरज कहता, पर उसमें भी आग है
मैं आपको बंदर कहता, पर उसमें भी दिमाग है!
4.लोग इश्क करते हैं, बड़े शोर के साथहमने भी किया, बड़े जोर के साथ
मगर अब करेंगे, थोडा़ गौर के साथ
क्योंकि कल उसको देखा, किसी ओर के साथ!
5.नई-नई शादी थी नया-नया था जमाना
दुल्हा बेचैन था
सुनने को गाना
दुल्हन ने शुरू किया गाना
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना…